||ॐ ||
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कितना कष्टदायक होता है शिव बनना ,
कोई पूछे शिवशंकर से.......
जब आप सबके हिस्से का विष परमार्थ के लिए पीते हैं
और लोग कहते हैं उन्हें विषैली चीजें अच्छी लगती हैं
जब विष को कंठ में रोकना पड़े और लोग कहें नीलकंठ ...
आप मौन हैं क्योंकि मुख खुलेगा तो विष की फुहारे बाहर
आ सकती हैं आप आँख मूंदकर अपने हृदय की जलन को सहन करने
का प्रयास कर रहे हैं और लोग कहें निर्मोही है ....
आप अपना ताप शांत करने के लिए बर्फ की गुफाओं में बैठे हैं
और लोग वहां भी पहुंच जाते हैं अपने ताप मिटाने ....
सचमुच बड़ा कठिन है शंकर हो जाना .....
जय जय श्री राधे
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कितना कष्टदायक होता है शिव बनना ,
कोई पूछे शिवशंकर से.......
जब आप सबके हिस्से का विष परमार्थ के लिए पीते हैं
और लोग कहते हैं उन्हें विषैली चीजें अच्छी लगती हैं
जब विष को कंठ में रोकना पड़े और लोग कहें नीलकंठ ...
आप मौन हैं क्योंकि मुख खुलेगा तो विष की फुहारे बाहर
आ सकती हैं आप आँख मूंदकर अपने हृदय की जलन को सहन करने
का प्रयास कर रहे हैं और लोग कहें निर्मोही है ....
आप अपना ताप शांत करने के लिए बर्फ की गुफाओं में बैठे हैं
और लोग वहां भी पहुंच जाते हैं अपने ताप मिटाने ....
सचमुच बड़ा कठिन है शंकर हो जाना .....
जय जय श्री राधे
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